सचिन तेंदुलकर...क्रिकेट के प्रशंसकों की आस्था के प्रतीक हैं. मैदान पर जब वह उतरते हैं तो उनकी प्रतिभा, लय, समर्पण के साथ करोडों लोगों की दुआएं होती हैं. लंबे समय से उन्होंने भारत की उम्मीदों का भार अपने कंधों पर ढोया है, न जाने कितने रिकॉर्डों को संजोया है.
तेंदुलकर की कितनी ही पारियां आज भी जीवंत हो उठती हैं जो हमें मैदान के उस शोर, तनाव में ले जाती हैं जहां सिर्फ़ तेंदुलकर को क्रीज़ पर देखकर ही शांति का अनुभव होता था. फिर इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उन में से कुछ पारियां सालों पहले खेली गई थीं.
तेंदुलकर आज भी उसी शिद्दत से मैदान पर खेल रहे हैं, कीर्तिमान क़ायम कर रहे हैं. सचिन के खेल को देख-देखकर एक पूरी पीढ़ी युवा हुई है और शायद आने वाली पीढ़ियों को बता कर ये पीढ़ी गर्व करेगी कि उन्होंने सचिन को खेलते हुए देखा है.
15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने करियर की शुरुआत करने वाले सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 20 साल पूरे कर रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि पर डॉयचे वेले की विशेष प्रस्तुति.
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सचिन-सहवाग की सेंचुरियां, भारत मज़बूत
कोलकाता में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच चल रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 5 विकेट खोकर 342 रन बनाए हैं. दक्षिण अफ़्रीका ने पहली पारी में 296 रन बनाए. (15.02.2010)

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