सफलता का नया सोपान स्थापित करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी फ़िल्म में एक्टिंग करने को तैयार है. बॉलीवुड की नई पारी को उन्होंने कमाई के लिए नही शुरू किया है, फ़िर भी उनके सिल्वर स्क्रीन पर पदार्पण को लेकर चारो दिशाओं में जबरदस्त उत्साह है.
बॉलीवुड और क्रिकेट का रिश्ता दशको पुराना है जिसका आधार चाहे क्रिकेटरों और फिल्मी नायिकाओं के प्रेम संबंध रहे हो या फ़िर खिलाडियों का फिल्मो में अभिनय! भले ही क्रिकेट के दिग्गजों को मिली सफलता ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करती हो लेकिन इनको लेकर बॉलीवुड में गर्मजोशी का जो आलम रहता है, वह बेहद काबिलेगौर है! हाल-फिलहाल सिल्वर स्क्रीन पर वह दिग्गज खिलाडी कदम रखने जा रहा है, जिसके बल्ले ने पिछले 18 वर्षो से विश्व क्रिकेट पटल पर जबरदस्त तहलका मचा रखा है और तकरीबन क्रिकेट के अधिकांश रिकोर्ड उसका ही दामन थामे हुए है! मृदुल व्यवहार और सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की उसकी आदत ने तो लाखो-करोडो लोगो को पहले ही अपना मुरीद बना रखा है और अब क्रिकेट का सच्चा भक्त अपनी धार्मिक आस्था को फ़िल्म के माध्यम से व्यक्त करने को तैयार है! जी हाँ, अब मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर बॉलीवुड की पिच पर उतरने की हामी भर चुके है और उनकी बॉलीवुड की पारी का सभी को बेसब्री से इंतजार है!
टेस्ट और एकदिवसीय में रिकोर्डो का अंबार लगाने वाले मुम्बईया उस्ताद सचिन तेंदुलकर हिंदू देवता गणेश पर बनने वाली विध्नहर्ता श्री सिध्दिविनायक नामक फ़िल्म में अपने अभिनय कौशल के जौहर बिखेरेंगे! इस फ़िल्म के निर्माण की जिम्मेदारी मुम्बई स्थित सिध्दिविनायक मन्दिर की देखरेख करने वाला ट्रस्ट निभा रहा है! प्रोडक्शन का काम देख रहे कंपनी के मुखिया राजीव संघवी के मुताबिक सचिन की फ़िल्म में भूमिका छोटी होगी और वह फ़िल्म में गीत में दिखाई देंगे, जिसके लिए उन्हें मेहनताना नही मिलेगा! सचिन की सिल्वर स्क्रीन पर उतरने की पुष्टि उनके जनसंपर्क कंपनी ने भी कर दी है! इस फ़िल्म में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन अपनी आवाज देंगे, जिनकी सचिन के साथ नजदीकिया जगजाहिर है! मैदान पर चौके-छक्के का लुत्फ़ उठाने वाले तमाम खेलप्रेमियों को सचिन की इस नई पारी का पूरी उत्सुकता के साथ इंतजार है, लेकिन रील के माध्यम से ख़ुद को साबित करने की कड़ी चुनौती भी सचिन के सम्मुख मुंह बांहे खड़ी है, जिसका आधार पूर्व में जोर आजमाईश कर चुके खिलाडियों की कमजोर अभिनय क्षमत या असफलता है! सचिन से पहले भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले ने भी 'मीरा बाई नॉट आउट' में मेहमान भूमिका का निर्वाह किया है! प्रीतिश नंदी कम्यूनिकेशन बैनर के तले बनी इस फ़िल्म के निर्माता चन्द्रकान्ता कुलकर्णी है! कुंबले को इस फ़िल्म में क्रिकेट कमेंटेटर मंदिरा बेदी,महेश मांजरेकर,अनुपम खेर और चारु शर्मा के साथ ख़ुद को क्रिकेट के मैदान की तरह रुपहले पर्दे पर खरा साबित करने का मौका मिला है!
पुराना है सिलसिला
क्रिकेट खिलाडियों ने बेशक ऑन द फील्ड और ऑफ़ द फील्ड अपना जलवा बिखेरा हो लेकिन बॉलिवुड उन्हें कभी रास नही आया! एकाध खिलाड़ी की कामयाबी को अपवाद मान लिया जाए तो अधिकांश को बॉलीवुड में ख़ुद को स्थापित करने की दिशा में मुंह की खान पड़ी है! बहरहाल, क्रिकेटरों का बॉलीवुड के प्रति पहला प्यार सलीम अजीज दुर्रानी के रूप में नजर आया था! 1973 में दुर्रानी ने बी.आर.इशारा की चरित्र में अबिनय किया जो कि बॉलीवुड की चुलबुली अदाकारा परवीन बॉबी की पहली फ़िल्म थी! ब्लैक एंड व्हाइट इस फ़िल्म में सबकुछ औसत था सिवाय बॉबी के, क्योकि बॉलीवुड को उनके रूप में एक प्रतिभावान हिरोइन मिली! मैदान पर धमाल मचाने वाले दुर्रानी अपने अभिनय से कोई छाप नही छोड़ सके जबकि उनसे सभी को सार्थक अभिनय की उम्मीद थी! पूरी तरह बॉलीवुड हीरो के रूप में रुपहले पर्दे पर कदम रखने वाले दुर्रानी कोइस फ़िल्म में काम करने के एवज में 80000 रुपये मिले थे जो उस दौर में काफी बड़ी रकम थी! इस फ़िल्म के बाद दुर्रानी ने 'आखिरी दिन और पहली रात' में भी काम किया लेकिन ये फिल्म सिनेमाघरो में दस्तक नही दे सकी!
टीम इंडिया द्वारा 1983 विश्व कप जीतने का खुमार लोगो के सिर चढ़कर बोल रहा था और इसी दौरान यानि 1985 में कभी अजनबी थे संदीप पाटिल, सयैद किरमानी और लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने सिल्वर स्क्रीन पर पदार्पण किया! इस फ़िल्म में पाटिल ने मुख्य भूमिका निभाई थी जबकि किरमानी और गावस्कर को भी दमदार रोल मिला था! बहरहाल, काफ़ी प्रसार-प्रचार के बावजूद यह फिम बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ गई! हालांकि किरमानी ने अपने दमदार अभिनय से बॉलीवुड में भी सफलता की उम्मीद बंधाई थी, पर ऐसा न हो सका! इस फ़िल्म में विंडीज के महान खिलाडी क्लाइव लोयड ने भी मेहमान की भूमिका निभाई थी! सुनील गावस्कर ने 'कभी अजनबी थे' के अतिरिक्त मराठी फ़िल्म 'सावली प्रेमाची', 'जाकोल' और 1988 में हिन्दी फ़िल्म 'मालामाल' में हाथ आजमाए, पर वह सफल नही हो सके! यानि मैदान में हरदम छाया रहने वाले ये जांबाज बॉलीवुड की पिच पर लंबा नही टिक सका!
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