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आसमान की ओर देखकर बुदबुदाते सचिन। एक हाथ में बैट और दूसरे में हेलमेट लिए हवा में हाथ उठाए सचिन। हेलमेट को चूमते सचिन। और इन लम्हों के बीच क्रिकेट के शिखर पर काबिज सचिन। ये लम्हे बार बार नहीं आते। किसी भी क्रिकेटर की ज़िंदगी में नहीं। लेकिन,सचिन रमेश तेंदुलकर इन पलों से गुज़रे तो उन्होंने शिद्दत से उसे जीया। पीटर सीडल की गेंद पर सचिन तीन रनों के लिए दौड़े तो यह सिर्फ तीन रन नहीं थे। ये सचिन की ज़िंदगी की मेहनत को एक नयी उपलब्धि में गढ़ते तीन रन थे। ब्रायन लारा के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते तीन रन थे। टेस्ट क्रिकेट में सचिन को सबसे ज्यादा रनों के शिखर पर बैठाते तीन रन थे। सचिन तेंदुलकर इन तीन रनों के साथ 11,955 रनों पर पहुंच गए। ब्रायन लारा के सर्वाधिक टेस्ट रनों 11,953 से दो रन ज्यादा। 22 गज की पिच पर यह तीन रन पूरे हुए ही थे कि मैदान पर वक्त ठहर गया। दोपहर के करीब पौने तीन बजे सचिन ने इस शिखर को छुआ तो छोटे कद के मास्टर की छोटी परछाई पिच पर दिखी,लेकिन क्रिकेट की दुनिया में यह कभी न मिटने वाली छाप छोड़ गई। ड्रेसिंग रुम में बैठे तमाम भारतीय खिलाड़ी खड़े होकर क्रिकेट के इस भगवान को इस नयी मंजिल पर पहुंचने की बधाई दे रहे थे,तो कंगारु खिलाड़ी तो खुद मैदान में इस अहम पल के गवाह थे। कई दर्शक इस लम्हे को कैमरे में कैद कर रहे थे,तो कई सचिन की तस्वीरों को निगाहों में फ्रीज कर लेना चाहते थे। कभी न भूलने वाली तस्वीरों को। दीवाली से करीब दो हफ्ते पहले ही मोहाली भी इस पल को यादगार बनाने को बेताब था। स्टेडियम के ऊपर आसमान में करीब पांच मिनट तक जमकर आतिशबाजी हुई। सचिन की इस महान उपलब्धि का जश्न मनाती हुई। इन पलों में खेल थम गया,लेकिन किसी को कोई शिकायत नहीं थी। सचिन तेंदुलकर को हर कोई बस इसी रुप में देखते रहना चाहता था। क्रिकेट की किताब के सैकड़ों रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम हैं। लेकिन,ये रिकॉर्ड उन सभी में अलग और खास है। एक तो,हाल में इस रिकॉर्ड की दहलीज पर खड़े सचिन को दहलीज पार करने में खासा वक्त लगा। लेकिन, बड़ी बात यह है कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रनों का मतलब सिर्फ एक वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि इस खेल में भारतीय हुनर और काबलियत का लोहा मनवाना है। एक दौर में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया जैसी टीमें इस देश में अपने दोयम दर्जे की टेस्ट टीम भेजती थीं क्योंकि यहां खेल का कोई स्तर नहीं था। लेकिन, सचिन तेंदुलकर और उनसे पहले कई भारतीय खिलाड़ियों ने इस मिथक को न केवल तोड़ा,बल्कि सफलता की नयी दास्तां लिखीं। सचिन तेंदुलकर सुनील गावस्कर के बाद दूसरे भारतीय हैं,जो सफलता के इस पायदान पर खड़े हुए हैं। दिलचस्प यह कि सचिन ने जब रिकॉर्ड तोड़ा तो इस रिकॉर्ड की दहलीज छू चुके सुनील गावस्कर और एलन बॉर्डर जैसे दिग्गज भी इन लम्हों को डूबकर देख रहे थे। आखिर, ये कभी न भूलने वाले पल हैं। सभी के लिए। अगर आप इन लम्हों को टेलीविजन पर देखने से चूक गए हैं,तो कोशिश कीजिए। इन्हें देखिए,और बसा लीजिए अपने दिलों-दिमाग में क्योंकि क्रिकेट के भगवान को इस रुप में देखना बार-बार नसीब नहीं होता। | |||
Wednesday, August 18, 2010
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